लेखक: केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) डॉ. भीमराव अंबेडकर – ज्ञान, समानता और संविधान के महान शिल्पकार। भारत के महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता, विधिवेत्ता और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान का अद्भुत उदाहरण है। प्रस्तुत काव्य-श्रृंखला "डॉ. भीमराव अंबेडकर का संघर्ष" आदरणीय केदारनाथ भारतीय द्वारा रचित एक मौलिक साहित्यिक कृति है। इस श्रृंखला में डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति उनके महान योगदान को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का प्रथम चरण – "वंदना" आपके समक्ष प्रस्तुत है। आशा है कि यह रचना आपको प्रेरित करेगी तथा डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व को और निकट से समझने का अवसर प्रदान करेगी। डॉ भीमराव अंबेडकर का संघर्ष ।। प्रथम चरण ।। ...
वैसे मेरा बेटा ही हरामखोर था जो पुलिस की नौकरी पाने के बाद भी मुझे गिफ्ट में ये कीपैड मोबाइल दे दिया है, क्या वह एंड्राइड मोबाइल नहीं दे सकता था,जिससे समाज में मेरी इज्जत और भी बढ़ जाती, किंतु वह ऐसा नहीं किया । पता नहीं कितने लोग मेरी इस छोटी सी मोबाइल को देखकर अपनी खीसें निपोरे होंगे,अपने मुंह को छिपा छिपा कर हसें होंगे, राम जाने मेरी उस समय उनके बीच में, कितनी फजीहत हुई होगी । यह कहानी केवल शब्दों का क्रम नहीं, बल्कि उन रिश्तों की गूंज है...आइए, इस दुर्गम पथ पर राम मनोहर के साथ चलें और दोस्ती के उस अर्थ को समझें जो हर मोड़ पर खुद को साबित करता है। लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज