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जनवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आज की विशेष कहानी

iPhone 18 pro Max:लॉन्च से पहले बड़ी जानकारी

iPhone 18 pro Max पहले से ज्यादा पावरफुल और स्मार्ट हो सकता है! Apple अपने आप में एक अलग ही अंदाज है, किसी हीरो से कम नहीं । Apple ने 2007 में iphone 2G लॉन्च किया था, जो टचस्क्रीन, मल्टी-टच जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। पब्लिक इसे बहुत अच्छी तरह से पसंद किया था । और आज देखा जाए तो यह धीरे-धीरे अपने आप में एक हीरो ही हैं। जो समय के अनुसार एक अलग तरह की बदलाव लाता रहता है, जिसे लोग खूब पसंद करते हैं। हम बात कर रहे हैं iphone 18 pro max की जो इस समय सोशल मीडिया और इंटरनेट जैसे हर जगह इसी की चर्चा सामने नजर आ रही है। क्या यह iphone 17 pro max से बेहतर होगा ? एक बार नजर घुमा के देखा जाए तो iphone 17 pro max पहले से ही अपने आप में दमदार  साबित होती है क्योंकि इसमें 48mp ट्रिपल कैमरा ,A19 pro चिप शानदार AI फीचर , मजबूत ceramic sheild और प्रीमियम डिजाइन, टिकाऊ बॉडी  और बेहतर सुरक्षा से लैस था। iPhone 18 Pro Max इससे भी अधिक पावरफुल होने की उम्मीद है। आइए जानते हैं, कैसे... डिजाइन और डिस्प्ले हम बात कर रहे हैं डिजाइन की Apple ने iPhone 18 pro Max की डिजाइन बेहतर और संतुलित ...

घृणा — हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में सब भाई-भाई | एक सामाजिक हिंदी कहानी

चपरासी बड़े अदब के साथ उसके पीछे-पीछे अंदर आया, चपरासी ने पूछा—साहब क्या बात है, आपने मुझे बुलाया ।  हां हमने बुलाया, क्या नाम है तुम्हारा, यहीं रहते हो, इधर आओ, ये लो खाली बोतल, सामने वाले नल से ताजा पानी ले आओ, वैसे तुम्हारा नाम चाहे जो कुछ भी हो किंतु हम तुम्हें रामु कह कर बुलाया करेंगे तुझे बुरा तो नहीं लगेगा ।  जब नफ़रत बोलती है, तब इंसानियत चुप हो जाती है — और जब इंसानियत बोलती है, तब पूरा हिंदुस्तान खड़ा हो जाता है।  (लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

दोस्ती 2 |राम मनोहर का दुर्गम पथ ( हिंदी कहानी)

वैसे मेरा बेटा ही हरामखोर था जो पुलिस की नौकरी पाने के बाद भी मुझे गिफ्ट में ये कीपैड मोबाइल दे दिया है, क्या वह एंड्राइड मोबाइल नहीं दे सकता था,जिससे समाज में मेरी इज्जत और भी बढ़ जाती, किंतु वह ऐसा नहीं किया ।  पता नहीं कितने लोग मेरी इस छोटी सी मोबाइल को देखकर अपनी खीसें निपोरे होंगे,अपने मुंह को छिपा छिपा कर हसें होंगे, राम जाने मेरी उस समय उनके बीच में, कितनी फजीहत हुई होगी ।  यह कहानी केवल शब्दों का क्रम नहीं, बल्कि उन रिश्तों की गूंज है...आइए, इस दुर्गम पथ पर राम मनोहर के साथ चलें और दोस्ती के उस अर्थ को समझें जो हर मोड़ पर खुद को साबित करता है। लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज

कर्म और भाग्य|सीख देने वाली प्रेरणात्मक "हिंदी कहानी"

देखिए सर,मैं अपनी लाइफ में पहली बार रेलवे स्टेशन आया हूं यहां के किसी भी नियम से मैं परिचित नहीं हूं वैसे भी मैं पहली बार यहां आकर ट्रेन देखूंगा और उसमें यात्रा के लिए बैठूंगा, रही टिकट की बात तो मेरे पास इस समय मात्र ₹50 हैं । चितरंजन दास ने बगैर कुछ छुपाए हुए,वह सब कुछ बक दिया, जिसे लोग अक्सर छुपाया करते हैं। " कर्म और भाग्य " यह कहानी है चितरंजन दास की... एक ऐसा नौजवान, जिसने गरीबी से लड़ने का संकल्प लिया... "यह कहानी काल्पनिक है, लेकिन समाज की सच्चाइयों से प्रेरित। (लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

लाडो बहन की विदाई पर भावुक—हिंदी गीत

लाडो बहन की विदाई से,            हम सबको उदासी है... लाडो बहन की विदाई हिंदी गीत हर उस दिल को छू जाती है जिसने कभी अपनी बहन को विदा होते देखा है। "केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय"  एक संवेदनशील लेखक और कवि हैं, जो रिश्तों, समाज और मानवीय भावनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास करते हैं। उनकी रचनाएँ कम शब्दों में गहरी अनुभूति छोड़ जाती हैं।

"दोस्ती" 1|प्लेटफॉर्म नंबर चार की वह सर्द रात (हिंदी कहानी)

उस दिन राम रामचंद्रन के घर राम मनोहर पंढरपुरी की दोस्ती इस प्रकार से हुई थी,जैसे कि प्रकृति ने ही उन युगलों को भावनाओं से तिरोहित यह अनमोल रिश्ता,विरासत में सौंप दिया हो । किंतु इस बार वे ठीक तीन साल के बाद इस भयानक हिमपात से लब्ध कुहरे में उनके घर अकेले जा रहे थे । प्रिय पाठको,  मैं नागेंद्र भारती, आप सभी का इस नई कहानी “दोस्ती” में स्वागत करता हूँ।  यह कहानी सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं,  बल्कि उन पलों की सच्चाई है जहाँ एक अजनबी,   धीरे-धीरे दिल का सबसे करीबी बन जाता है। आइए, इस एहसास की यात्रा शुरू करें… ( लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज )

विचित्र दुनिया – भाग 7 |धूम्रा का रहस्य अभी बाकी है (हिंदी उपन्यास)

राघव एक फाइव-स्टार होटल की सुकूनभरी कुर्सी पर बैठा, हाथों में अख़बार थामे पन्ने पलट रहा था कि तभी उसे एक पंक्ति ने उसके भीतर सब कुछ हिला दिया— “अकोढापुर गांव भूकंप से पूरी तरह नष्ट…" लेकिन उसे क्या पता था कि यह यात्रा उसे उसके गांव तक नहीं, बल्कि नियति के किसी और ही भयावह मोड़ तक ले जाने वाली है। रास्ते में ऐसा कुछ घटा, जिसे न तर्क समझ सका, न समय। राघव कभी अकोढापुर पहुँच ही नहीं पाया। इसके बजाय वह पहुँच गया एक अनजानी, रहस्यमयी और भयावह दुनिया में—एक ऐसी विचित्र दुनिया, जहाँ आत्माएँ भटकती थीं, प्रेत छायाओं की तरह मंडराते थे और शैतानी शक्तियाँ शासन करती थीं।  यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है,आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदारनाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से। चलिए, अब आगे बढ़ते हैं....

विचित्र दुनिया – भाग 6 | मोहनी मंत्र और ब्रह्मराक्षस का भयावह खेल (हिंदी उपन्यास)

देखते ही देखते वहाँ भयानक संघर्ष का माहौल बन गया। एक ब्रह्मराक्षस के स्थान पर सैकड़ों ब्रह्मराक्षस अपने-अपने रहस्यमयी रूपों में प्रकट होते दिखाई देने लगे। उनके बीच शक्तियों का ऐसा टकराव हो रहा था कि आकाश में चमकती रोशनियाँ फैल गईं। राघव और शशिकला यह सब देख-देख कर घबरा गए। यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है,आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदारनाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से।

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विचित्र दुनिया–भाग 3|समय के जाल में राघव (हिंदी उपन्यास)

राघव इससे पहले कि कुछ समझ पाता, वह गिद्घ के चंगुल मे फस गया....  यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन इसके हर शब्द में एक सच्चाई की झलक छुपी है आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदारनाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से

"दोस्ती" 1|प्लेटफॉर्म नंबर चार की वह सर्द रात (हिंदी कहानी)

उस दिन राम रामचंद्रन के घर राम मनोहर पंढरपुरी की दोस्ती इस प्रकार से हुई थी,जैसे कि प्रकृति ने ही उन युगलों को भावनाओं से तिरोहित यह अनमोल रिश्ता,विरासत में सौंप दिया हो । किंतु इस बार वे ठीक तीन साल के बाद इस भयानक हिमपात से लब्ध कुहरे में उनके घर अकेले जा रहे थे । प्रिय पाठको,  मैं नागेंद्र भारती, आप सभी का इस नई कहानी “दोस्ती” में स्वागत करता हूँ।  यह कहानी सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं,  बल्कि उन पलों की सच्चाई है जहाँ एक अजनबी,   धीरे-धीरे दिल का सबसे करीबी बन जाता है। आइए, इस एहसास की यात्रा शुरू करें… ( लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज )

विचित्र दुनिया–भाग 2|राघव का बचपन और उसकी बेचैनी(हिंदी उपन्यास)

बेटे! शिक्षा से दुनिया झुक जाती हैं, जिसका वंदन- अभिनंदन सारा जगत करता है। शिक्षा के आगे संसार के सारे उद्योग बौने साबित हो जाते हैं। शिक्षा हैं तो दुनिया में सर्वश्रेष्ट् नाता है। अन्यथा सारा रिस्ता - नाता बिमाता के समान हो जाता हैं।  इसलिए शिक्षा बहुत जरूरी है,  अत: अब कल से स्कूल जाओगे की नहीं।    आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदार नाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से।
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