चमत्कार दोहावली—कविता चमत्कार की वेग असीमित, जैसे वायु समान । क्षन में होनी अनहोनी हो, जाने विधिक विधान ।। कर दे पल में राई पर्वत, पर्वत को करें राइ । जलती किरणे रवि की बौनी, मेघ जलधि बरसाइ । अचरज मृतक देंह चिता, शव में उपजे प्राण । अचरज भूजी मछली जल में, कूदे पाकर प्राण ।। चमत्कार के आश्चर्य ऐसे, ...
जिस दृश्य में तुमने जन्म लिया, वह दृश्य न आए दोबारा । जिस दृश्य में शैशव काल बिता, वह दृश्य न आए दोबारा ।। जिस दृश्य में मां का दूध पिया, वह दृश्य न आये दोबारा । जिस दृश्य में जननी लोरी गाई, वह दृश्य न आये दोबारा ।। जिस दृश्य में बचपन बीत गया, वह दृश्य न आए दोबारा । जिस दृश्य में पाया गुरु से शिक्षा, वह दृश्य न आए दोबारा ।। जिस दृश्य में परिणय बंधन तेरा, वह दृश्य न आए दोबारा । जिस दृश्य में बन गए मातु पिता, वह दृश्य न आए दोबारा ।। जिस दृश्य में हो गये दादा दादी, वह दृश्य...