रविवार, 1 फ़रवरी 2026

हमारा गणतंत्र – केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) की हिंदी राष्ट्रकाव्य कविता




हमारा गणतंत्र हिंदी कविता – भारतीय संविधान और गणराज्य पर काव्य, केदारनाथ भारतीय

।।हमारा गणतंत्र।।

संविधान और विचारों को काव्य नमन—केदार नाथ भारतीय 


यह गणतंत सौभाग्य हमारा ।        
 विधि कानून बिचार अगारा ।।

           राष्ट्र आन विधि विरंचि पधारे । 
           नाम भीम विधि विद्या ढारे ।।

यह कविता हमारे संविधान, हमारे गणतंत्र और उन विचारों को नमन है जिन पर भारत खड़ा है। इसे पढ़ते समय शब्दों से अधिक भावों को महसूस करें।

 (लेखक/कवि: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

घृणा — हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में सब भाई-भाई | एक सामाजिक हिंदी कहानी

चपरासी बड़े अदब के साथ उसके पीछे-पीछे अंदर आया, चपरासी ने पूछा—साहब क्या बात है, आपने मुझे बुलाया । 
हां हमने बुलाया, क्या नाम है तुम्हारा, यहीं रहते हो, इधर आओ, ये लो खाली बोतल, सामने वाले नल से ताजा पानी ले आओ, वैसे तुम्हारा नाम चाहे जो कुछ भी हो किंतु हम तुम्हें रामु कह कर बुलाया करेंगे तुझे बुरा तो नहीं लगेगा । 

जब नफ़रत बोलती है, तब इंसानियत चुप हो जाती है —
और जब इंसानियत बोलती है, तब पूरा हिंदुस्तान खड़ा हो जाता है।
 (लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

बुधवार, 28 जनवरी 2026

दोस्ती 2 |राम मनोहर का दुर्गम पथ ( हिंदी कहानी)

वैसे मेरा बेटा ही हरामखोर था जो पुलिस की नौकरी पाने के बाद भी मुझे गिफ्ट में ये कीपैड मोबाइल दे दिया है, क्या वह एंड्राइड मोबाइल नहीं दे सकता था,जिससे समाज में मेरी इज्जत और भी बढ़ जाती, किंतु वह ऐसा नहीं किया । 
पता नहीं कितने लोग मेरी इस छोटी सी मोबाइल को देखकर अपनी खीसें निपोरे होंगे,अपने मुंह को छिपा छिपा कर हसें होंगे, राम जाने मेरी उस समय उनके बीच में, कितनी फजीहत हुई होगी । 

यह कहानी केवल शब्दों का क्रम नहीं, बल्कि उन रिश्तों की गूंज है...आइए, इस दुर्गम पथ पर राम मनोहर के साथ चलें और दोस्ती के उस अर्थ को समझें जो हर मोड़ पर खुद को साबित करता है।
लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज

सोमवार, 26 जनवरी 2026

कर्म और भाग्य|सीख देने वाली प्रेरणात्मक "हिंदी कहानी"



देखिए सर,मैं अपनी लाइफ में पहली बार रेलवे स्टेशन आया हूं यहां के किसी भी नियम से मैं परिचित नहीं हूं वैसे भी मैं पहली बार यहां आकर ट्रेन देखूंगा और उसमें यात्रा के लिए बैठूंगा, रही टिकट की बात तो मेरे पास इस समय मात्र ₹50 हैं । चितरंजन दास ने बगैर कुछ छुपाए हुए,वह सब कुछ बक दिया, जिसे लोग अक्सर छुपाया करते हैं।

"कर्म और भाग्य" यह कहानी है चितरंजन दास की...
एक ऐसा नौजवान, जिसने गरीबी से लड़ने का संकल्प लिया...
"यह कहानी काल्पनिक है, लेकिन समाज की सच्चाइयों से प्रेरित। (लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

शनिवार, 24 जनवरी 2026

लाडो बहन की विदाई पर भावुक—हिंदी गीत


लाडो बहन की विदाई से, 
          हम सबको उदासी है...

लाडो बहन की विदाई हिंदी गीत हर उस दिल को छू जाती है जिसने कभी अपनी बहन को विदा होते देखा है।
"केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय" एक संवेदनशील लेखक और कवि हैं,
जो रिश्तों, समाज और मानवीय भावनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास करते हैं।
उनकी रचनाएँ कम शब्दों में गहरी अनुभूति छोड़ जाती हैं।

आज की विशेष कहानी

हमारा गणतंत्र – केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) की हिंदी राष्ट्रकाव्य कविता

।।हमारा गणतंत्र।। संविधान और विचारों को काव्य नमन—केदार नाथ भारतीय  यह गणतंत सौभाग्य हमारा ।          विधि कानून बिचार अगारा ।।            र...

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