लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन (23 मार्च 2026) 23 मार्च 2026 का दिन भारतीय संसद के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जाएगा। उस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में ऐसा भाषण दिया जिसने केवल नेताओं को ही नहीं बल्कि पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया। दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है, खासकर पश्चिम एशिया के देशों में हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद की खबरें लगातार आ रही हैं। ऐसे समय में संसद में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि इन घटनाओं का असर भारत पर क्या पड़ेगा और सरकार ने इसके लिए क्या तैयारी की है। प्रधानमंत्री जब बोलने के लिए खड़े हुए तो सदन में शांति छा गई। उन्होंने बहुत तेज या गुस्से में नहीं, बल्कि शांत और गंभीर आवाज में बात शुरू की। उन्होंने कहा कि दुनिया जिस दिशा में जा रही है, उसे देखकर हर देश को सावधान रहने की जरूरत है। भारत भी इस स्थिति को ध्यान से देख रहा है और सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है ताकि देश के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने सबसे पहले तेल और ऊर्जा की बात की। क्योंकि जब भी दुनिया में यु...
युद्ध के परिणाम – एक दिल दहला देने वाली युद्ध कहानी | केदार की कलम ।। युद्ध के परिणाम ।। वह पहाड़ी क्षेत्र निर्जन स्थान था, दूर दूर तक हजार हजार किलोमीटर चतुर्दिक सन्नाटा,अग्निपात में काल कवलित देहपातों की दुर्गंधे, चतुर्दिक मरघट जैसी वीरानिया । अभी दो सप्ताह पहले ही यहां पर ऊंची ऊंची गगनचुंगी अटारिया थी, महले दस महले लहरा रहे थे, बच्चों की किलकारियां गूंज रही थी । क्रिकेट और फुटबॉल के स्टेडियम बने हुए थे, बच्चे मैच खेलते थे,बच्चे फुटबॉल खेलते थे किंतु अब,अब वहां मानव रहित बस्तियां थी जहाँ पर लावारिस जैसी घायल अवस्था लिए चारों तरफ से मुड़ी तुड़ी,कण कण छलनी हुई, जगह-जगह दरारे और खाईयां बनी हुई, स्थान स्थान पर मानव लोथड़े लुढ़के हुए,कहीं कहीं युद्ध होलिका की ज्वलंत चिंगारियां धूं–धूं करके जलती हुई दूर-दूर तक दिखाई पड़ रही थी । वसुंधरा का रक्त रंजित कलेवर चारों तरफ से भस्मीभूत हो रहा था । जहाँ उसके कण कण में समाहित हृदय विदारक चीखों में डूबी हुई अकल्पनीय दारुणता से तिरोहित मार्मिक दृश्य,अपनी असीम वेदनाओं की सबूतें दे रही थी । जिसका मूल कारण,एक दूसरे देशों...