लेखक: केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) डॉ. भीमराव अंबेडकर – ज्ञान, समानता और संविधान के महान शिल्पकार। भारत के महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता, विधिवेत्ता और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान का अद्भुत उदाहरण है। प्रस्तुत काव्य-श्रृंखला "डॉ. भीमराव अंबेडकर का संघर्ष" आदरणीय केदारनाथ भारतीय द्वारा रचित एक मौलिक साहित्यिक कृति है। इस श्रृंखला में डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति उनके महान योगदान को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का प्रथम चरण – "वंदना" आपके समक्ष प्रस्तुत है। आशा है कि यह रचना आपको प्रेरित करेगी तथा डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व को और निकट से समझने का अवसर प्रदान करेगी। डॉ भीमराव अंबेडकर का संघर्ष ।। प्रथम चरण ।। ...
कुमुद: संस्कार, दोस्ती और मानवता की अद्भुत गाथा लेखक: केदारनाथ भारतीय (उर्फ भुवाल भारतीय) मनुष्य की पहचान उसके धन, पद या वैभव से नहीं, बल्कि उसके संस्कार, व्यवहार और प्रेम से होती है। कुछ लोग अपने जीवन में ऐसे आदर्श स्थापित कर लेते हैं कि उनका व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। कुमुद भी ऐसा ही छात्र था, मधुर स्वभाव, उच्च विचार और निष्कलंक चरित्र ने पूरे गांव को एक परिवार के सूत्र में बांध देता था। संस्कार, नैतिकता, त्याग और मानवता की कहानी — ' कुमुद ' कुमुद नाम का वह जवान और श्रेष्ठ लड़का,अपने अंतःउर में संस्कारों से परिपूर्ण सभ्यताओं का असीम सागर समेटे हुए था । उसके अधरों से सदा ही पवित्र मिलनसारिता और शिष्ट कुलीनता के अभय रस टपक रहे थे । उसकी मधुर मधुप रस बोलें,उसके ऊचे ऊचे बिचार, संपूर्ण ग्रामीण जनों में माताओं बहनों तथा पुरुष प्रधान समाज को,एक अद्भुत प्रेम भाईचारे का आश्चर्य में तिरोहित हृदय स्पर्शी संदेश दे रहे थे । वह कुमुद अपने अनुरागी बोल वचनों से जन जन को ऐसे बांध रखा था, जैसे कि वे लंबे लम्बे बांस,अपनी जड़ों को आपस में एक दूसरों से...