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आज की विशेष कहानी

Raja Shivaji Box Office Collection: असली रिपोर्ट और सच्चाई

क्या यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टिक पाएगी? जानिए पूरा सच और रिपोर्ट हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म Raja Shivaji लगातार चर्चा में बनी हुई है। रिलीज़ के बाद से ही इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कहीं इसे सुपरहिट बताया जा रहा है, तो कहीं इसे ओवरहाइप कहा जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि इस फिल्म के प्रदर्शन को सही और संतुलित तरीके से समझा जाए। यह पोस्ट इसी उद्देश्य से तैयार की गई है, ताकि बिना किसी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए आंकड़ों के, फिल्म की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके। शुरुआती प्रदर्शन फिल्म ने रिलीज़ के शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक शुरुआत की है। पहले दिन से ही दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता देखने को मिली। थिएटरों में अच्छी उपस्थिति रही, खासकर उन इलाकों में जहाँ ऐतिहासिक और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों को पसंद किया जाता है। हालांकि, शुरुआती कलेक्शन को देखकर यह कहना कि फिल्म पहले ही बड़ी हिट बन चुकी है, सही नहीं होगा। किसी भी फिल्म की सफलता का आकलन उसके पूरे सप्ताह और उसके बाद के प्रदर्शन से किया जाता है।  फिल्म का विषय और प्रस्तुति ...

घृणा — हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में सब भाई-भाई | एक सामाजिक हिंदी कहानी

चपरासी बड़े अदब के साथ उसके पीछे-पीछे अंदर आया, चपरासी ने पूछा—साहब क्या बात है, आपने मुझे बुलाया ।  हां हमने बुलाया, क्या नाम है तुम्हारा, यहीं रहते हो, इधर आओ, ये लो खाली बोतल, सामने वाले नल से ताजा पानी ले आओ, वैसे तुम्हारा नाम चाहे जो कुछ भी हो किंतु हम तुम्हें रामु कह कर बुलाया करेंगे तुझे बुरा तो नहीं लगेगा ।  जब नफ़रत बोलती है, तब इंसानियत चुप हो जाती है — और जब इंसानियत बोलती है, तब पूरा हिंदुस्तान खड़ा हो जाता है।  (लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

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विचित्र दुनिया–भाग 3|समय के जाल में राघव (हिंदी उपन्यास)

राघव इससे पहले कि कुछ समझ पाता, वह गिद्घ के चंगुल मे फस गया....  यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन इसके हर शब्द में एक सच्चाई की झलक छुपी है आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदारनाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से

"दोस्ती" 1|प्लेटफॉर्म नंबर चार की वह सर्द रात (हिंदी कहानी)

उस दिन राम रामचंद्रन के घर राम मनोहर पंढरपुरी की दोस्ती इस प्रकार से हुई थी,जैसे कि प्रकृति ने ही उन युगलों को भावनाओं से तिरोहित यह अनमोल रिश्ता,विरासत में सौंप दिया हो । किंतु इस बार वे ठीक तीन साल के बाद इस भयानक हिमपात से लब्ध कुहरे में उनके घर अकेले जा रहे थे । प्रिय पाठको,  मैं नागेंद्र भारती, आप सभी का इस नई कहानी “दोस्ती” में स्वागत करता हूँ।  यह कहानी सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं,  बल्कि उन पलों की सच्चाई है जहाँ एक अजनबी,   धीरे-धीरे दिल का सबसे करीबी बन जाता है। आइए, इस एहसास की यात्रा शुरू करें… ( लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज )

विचित्र दुनिया–भाग 2|राघव का बचपन और उसकी बेचैनी(हिंदी उपन्यास)

बेटे! शिक्षा से दुनिया झुक जाती हैं, जिसका वंदन- अभिनंदन सारा जगत करता है। शिक्षा के आगे संसार के सारे उद्योग बौने साबित हो जाते हैं। शिक्षा हैं तो दुनिया में सर्वश्रेष्ट् नाता है। अन्यथा सारा रिस्ता - नाता बिमाता के समान हो जाता हैं।  इसलिए शिक्षा बहुत जरूरी है,  अत: अब कल से स्कूल जाओगे की नहीं।    आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदार नाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से।
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