।। आज का सुविचार ।। जैसे तिहुँलोकों का संपूर्ण ब्रह्मांड, प्रकृति की सुकोमल मदमाती लवकों से आच्छादित,नव श्रृंगारों से सुशोभित, प्राण प्राण को बांध रखी है, ठीक उसी भांति शब्दों और अक्षरों के संग संग माया भी महाजाल की भांति ब्रह्मांड के कण-कण को बांध रखी है । — केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) अगर आपको यह सुविचार पसंद आया हो, तो इसे शेयर करें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। ऐसे ही ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक विचारों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Kedar Ki Kalam 👉 शब्दों की शक्ति को समझने के लिए यहाँ क्लिक कपरें
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जैसे तिहुँलोकों का संपूर्ण ब्रह्मांड, प्रकृति की सुकोमल मदमाती लवकों से आच्छादित,नव श्रृंगारों से सुशोभित, प्राण प्राण को बांध रखी है, ठीक उसी भांति शब्दों और अक्षरों के संग संग माया भी महाजाल की भांति ब्रह्मांड के कण-कण को बांध रखी है ।
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