लेखक: केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) डॉ. भीमराव अंबेडकर – ज्ञान, समानता और संविधान के महान शिल्पकार। भारत के महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता, विधिवेत्ता और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान का अद्भुत उदाहरण है। प्रस्तुत काव्य-श्रृंखला "डॉ. भीमराव अंबेडकर का संघर्ष" आदरणीय केदारनाथ भारतीय द्वारा रचित एक मौलिक साहित्यिक कृति है। इस श्रृंखला में डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति उनके महान योगदान को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का प्रथम चरण – "वंदना" आपके समक्ष प्रस्तुत है। आशा है कि यह रचना आपको प्रेरित करेगी तथा डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व को और निकट से समझने का अवसर प्रदान करेगी। डॉ भीमराव अंबेडकर का संघर्ष ।। प्रथम चरण ।। ...
चमत्कार दोहावली—कविता
चमत्कार की वेग असीमित,जैसे वायु समान ।
क्षन में होनी अनहोनी हो,
जाने विधिक विधान ।।
कर दे पल में राई पर्वत,
पर्वत को करें राइ ।
जलती किरणे रवि की बौनी,
मेघ जलधि बरसाइ ।।
अचरज मृतक देंह चिता,
शव में उपजे प्राण ।
अचरज भूजी मछली जल में,
कूदे पाकर प्राण ।।
चमत्कार के आश्चर्य ऐसे,
चौके सकल समाज ।
उड़ि जाये पंछी छोड़ बसेरा,
बिना दिये आवाज ।।
चमत्कार में दुख सुख शामिल,
आश्चर्य से फटे नैन ।
चमत्कार में जन्म मरण का,
संगम छीने चैन ।।
चमत्कार उन्नति अवनति में,
करती है सदा वास ।
चमत्कार गति लोक विलोके,
आश्चर्य दे बहु खास ।।
केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)
क्या सच में चमत्कार होता है, या यह सिर्फ हमारी सोच का खेल है?
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👇 क्या आपने अपने जीवन में कभी कोई चमत्कार महसूस किया है।
लेखक/कवि: केदारनाथ भारतीय
प्रस्तुति: नागेंद्र भारतीय
Kedar Ki Kalam
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“शब्दों की शक्ति से समाज को नई दिशा देने का प्रयास”

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