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आज की विशेष कहानी

Exam of the time|हर युवा की कहानी

Exam of the time  कड़ी मेहनत के बावजूद भी गौरव प्रसाद आज भी सफलता की सीढ़ी नहीं चढ़ सके थे, अभी उनकी उम्र लगभग 35 वर्ष की हो चली थी । सिर में बालों की कमी होने जैसे गंजापन चालू हो चला हो, उम्र के बढ़ने के साथ परिवार की जिम्मेदारी, और इतनी पढ़ाई करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी थी। सोचे थे कि नौकरी मिलेगा और फिर ऐस की जिंदगी जिएंगे बीवी होगी, बच्चे होंगे लेकिन ऐसा कहा होने वाला था। जहां पर सरकार मजे लेने लगे, वहां पर गरीब की कहा सुनवाई होने वाला था। आज वर्ष 2040 दिन सोमवार की रात्रि स्टेशन पर खड़े बैग कंधों पर लटकाए सोचे जा रहे थे कि  अब मुझे क्या करना चाहिए। चलिए पढ़ेते है,  मेरी, अपनी और हर नौजवान की संघर्ष की कहानी Exam of the time। लगभग 27 वर्ष की आयु में लेखक: नागेन्द्र बहादुर भारतीय ने अपने जीवन की पहली कहानी लिखने का साहस किया है Exam of the time । वर्ष 2005 , रविवार के दिन थे, उस दिन यशोदा देवी रात्रि 10:00 बजे एक बच्चे को जन्म देती है। उस दिन यशोदा देवी के पति घर में मौजूद नहीं थे क्योंकि घर की तंगी और गरीबी को देखते हुए, वे मुंबई पैसे कमाने चले गए थे जिनक...

ईश्वर की बनाई सृष्टि सबसे महान है | आज का सुविचार

 

आज का सुविचार, योग करते हुए व्यक्ति, प्रकृति, आध्यात्मिक विचार, ईश्वर की सृष्टि
ईश्वर की बनाई सृष्टि सबसे महान है | आज का सुविचार


वह सृष्टि विनायक, वह ईश्वर, वह आदि और अनंता, एवं नभ वृंदारकों का श्रेष्ठ भूपति महानायक कितना महान है, कि वह हमें इतनी खूबसूरत सृष्टि में भेजने से पहले, हमारे लिए कितनी अच्छी-अच्छी व्यवस्थाएं पहले से ही बिना स्वार्थ समर्पित कर दिया था।

यह संसार कितना अद्भुत है —यहाँ आने पर ना हमें माता-पिता खोजना पड़ा,न ही सगे-संबंधी भाई-बंधु खोजने पड़े,न ही यह खुला नीला व्योम मंडल बनाना पड़ा,

और न ही यह बसुधा, बसुधा पर बसी हुई सुरम्य प्रकृति। यह सब पहले से ही हमारे लिए तैयार था। यह ईश्वर की करुणा, दया और महानता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

जो हमें बिना मांगे इतना कुछ दे सकता है, वह हमारी प्रार्थना को भी अवश्य सुनता है। इसलिए जीवन में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, और हमेशा उस परम शक्ति का धन्यवाद करना चाहिए।

लेखक : केदारनाथ उर्फ भुवाल

Blog : kedarkahani.in

प्रस्तुतकर्ता : Nagendra Bharatiy

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