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आज की विशेष कहानी

मेरा जीवन कोरा कागज – तेरा मेरा जीवन (एक कविता) | केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय)

शब्द कम हैं, एहसास ज्यादा हैं… मेरा जीवन—कविता (दोहावली) यह कविता जीवन की सादगी, सच्चाई और पारदर्शिता को दर्शाती है। इसे दोहा शैली में भी पढ़ा जा सकता है, जिससे इसकी भावनात्मक गहराई और अधिक प्रभावशाली हो जाती है। इस रचना के माध्यम से लेखक शायद यह बताना चाहते हैं कि एक सच्चा जीवन वही है, जो बिना किसी छल, दिखावे और बनावट के जिया जाए—ठीक एक खुले पन्ने या कोरे कागज की तरह, जिसमें हर भाव स्पष्ट और निष्कपट हो।  तेरा, मेरा जीवन—एक कविता  (दोहावली) मेरा  जीवन  कोरा  कागज,                 स्वच्छ सरोज निकुंज ।  खुली  किताबों जैसी  ज्ञानें,                  स्वतंत्र सुभाषित पुंज ।।  पढ़ लीजै  यह जीवन भंगुर,                  जीवन  आपके  साथ ।  साथ बिछुड़ना कब हो जाये,                  जानें  जग   के   नाथ   ।।  यज्ञ  प...

मेरा जीवन कोरा कागज – तेरा मेरा जीवन (एक कविता) | केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय)

मेरा जीवन कोरा कागज – तेरा मेरा जीवन हिंदी कविता
शब्द कम हैं, एहसास ज्यादा हैं… मेरा जीवन—कविता (दोहावली)

यह कविता जीवन की सादगी, सच्चाई और पारदर्शिता को दर्शाती है। इसे दोहा शैली में भी पढ़ा जा सकता है, जिससे इसकी भावनात्मक गहराई और अधिक प्रभावशाली हो जाती है। इस रचना के माध्यम से लेखक शायद यह बताना चाहते हैं कि एक सच्चा जीवन वही है, जो बिना किसी छल, दिखावे और बनावट के जिया जाए—ठीक एक खुले पन्ने या कोरे कागज की तरह, जिसमें हर भाव स्पष्ट और निष्कपट हो। 

तेरा, मेरा जीवन—एक कविता (दोहावली)

मेरा  जीवन  कोरा  कागज,
                स्वच्छ सरोज निकुंज । 
खुली  किताबों जैसी  ज्ञानें, 
                स्वतंत्र सुभाषित पुंज ।। 
पढ़ लीजै  यह जीवन भंगुर, 
                जीवन  आपके  साथ । 
साथ बिछुड़ना कब हो जाये, 
                जानें  जग   के   नाथ   ।। 
यज्ञ  पूर्ण   हो  जाएगा  सब, 
                मन  में  रखिये  आश । 
आश विश्वास  जग  की  धूरी, 
                धूरी   पर  चले  स्वांस ।। 
कण कण में परिवर्तन  लिपटा, 
                धुंध   न   होगा   भाग्य । 
आप कुशल  से   रहना   प्यारे , 
                मिटे   सकल   दुर्भाग्य ।। 

केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) प्रयागराज, मसाढ़ी

 

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प्रस्तुति: नागेन्द्र बहादुर 

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