सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आज की विशेष कहानी

कुमुद: संस्कार, ममता और मानवीय रिश्तों का सफर|हिंदी कहानी

कुमुद: संस्कार, दोस्ती और मानवता की अद्भुत गाथा लेखक: चॉकलेट भारतीय (उर्फ भुवाल भारतीय) "मनुष्य की पहचान उसके धन, पद या वैभव से नहीं, बल्कि उसके संस्कार, व्यवहार और प्रेम से होती है। कुछ लोग अपने जीवन में ऐसे आदर्श स्थापित कर लेते हैं कि उनका व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। कुमुद भी ऐसा ही छात्र था, मधुर स्वभाव, उच्च विचार और निष्कलंक चरित्र ने पूरे गांव को एक परिवार के सूत्र में बांध देता था। संस्कार, नैतिकता, त्याग और मानवता की कहानी — ' कुमुद ' कुमुद नाम का वह जवान और श्रेष्ठ लड़का,अपने अंतःउर में संस्कारों से परिपूर्ण सभ्यताओं का असीम सागर समेटे हुए था । उसके अधरों से सदा ही पवित्र मिलनसारिता और शिष्ट कुलीनता के अभय रस टपक रहे थे । उसकी मधुर मधुप रस बोलें,उसके ऊचे ऊचे बिचार, संपूर्ण ग्रामीण जनों में माताओं बहनों तथा पुरुष प्रधान समाज को,एक अद्भुत प्रेम भाईचारे का आश्चर्य में तिरोहित हृदय स्पर्शी संदेश दे रहे थे । वह कुमुद अपने अनुरागी बोल वचनों से जन जन को ऐसे बांध रखा था, जैसे कि वे लंबे लम्बे बांस,अपनी जड़ों को आपस में एक दूसरों से लिपटाकर,एकाग्र सूत...

मानव से महामानव: डॉ. अंबेडकर पर प्रेरणात्मक हिंदी कविता | केदार नाथ भारतीय (भुवाल भारतीय)

 
मानव से महामानव ध्रुव पर आधारित प्रेरणात्मक हिंदी कविता, डॉ. अंबेडकर को समर्पित

 मानव से महामानव (दोहावली हिंदी कविता)


मानव से महामानव ध्रुव, 
                कोटि कोटि बंदन । 
जाति अछूत के उद्धारक, 
                भारत भूमि के चंदन ।।
 
युग युग में बिरले ही आते, 
                आपके जैसे प्राण । 
शिक्षा की डिग्री भी नर्वस, 
                जाति सवर्ण में त्राण ।। 

संविधान के प्राण विधाता, 
                 ब्रह्म निकेतन चाँद ।
आप धरा पर यदि ना आते, 
                 न जाता मनुवाद ।।
 
खत्म न होती जाति प्रथा, 
                 व्यथा गुलामी टीस । 
खत्म ना होती बंधुवा श्रम, 
                 मार बदन पग शीश ।।

नमन मनीषी रत्न वतन के, 
                 नमन अनंत कर जोड़ ।
शिक्षाविद अति विद्या विमल, 
                  बंदन भूं चहु ओर ।। 
केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय)

केदार नाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) एक संवेदनशील लेखक और कवि हैं, जो अपनी कलम के माध्यम से समाज की सच्चाइयों और मानवता के मूल्यों को सामने लाने का प्रयास करते हैं। ‘Kedar Ki Kalam’ के जरिए वे लोगों तक प्रेरणात्मक विचार पहुंचा रहे हैं।


👉 अगर आपको यह कविता ‘मानव से महामानव’ पसंद आई हो, तो इसे शेयर करें और अपने विचार कमेंट में जरूर बताएं।
 ऐसे ही प्रेरणात्मक विचार और कहानियों के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"दोस्ती" 1|प्लेटफॉर्म नंबर चार की वह सर्द रात (हिंदी कहानी)

उस दिन राम रामचंद्रन के घर राम मनोहर पंढरपुरी की दोस्ती इस प्रकार से हुई थी,जैसे कि प्रकृति ने ही उन युगलों को भावनाओं से तिरोहित यह अनमोल रिश्ता,विरासत में सौंप दिया हो । किंतु इस बार वे ठीक तीन साल के बाद इस भयानक हिमपात से लब्ध कुहरे में उनके घर अकेले जा रहे थे । प्रिय पाठको,  मैं नागेंद्र भारती, आप सभी का इस नई कहानी “दोस्ती” में स्वागत करता हूँ।  यह कहानी सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं,  बल्कि उन पलों की सच्चाई है जहाँ एक अजनबी,   धीरे-धीरे दिल का सबसे करीबी बन जाता है। आइए, इस एहसास की यात्रा शुरू करें… ( लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज )

हमारा गणतंत्र – केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) की हिंदी राष्ट्रकाव्य कविता

।।हमारा गणतंत्र।। संविधान और विचारों को काव्य नमन—केदार नाथ भारतीय  यह गणतंत सौभाग्य हमारा ।          विधि कानून बिचार अगारा ।।            राष्ट्र आन विधि विरंचि पधारे ।             नाम भीम विधि विद्या ढारे ।। यह कविता हमारे संविधान, हमारे गणतंत्र और उन विचारों को नमन है जिन पर भारत खड़ा है। इसे पढ़ते समय शब्दों से अधिक भावों को महसूस करें।  (लेखक/कवि: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय)

विचित्र दुनिया–भाग 2|राघव का बचपन और उसकी बेचैनी(हिंदी उपन्यास)

बेटे! शिक्षा से दुनिया झुक जाती हैं, जिसका वंदन- अभिनंदन सारा जगत करता है। शिक्षा के आगे संसार के सारे उद्योग बौने साबित हो जाते हैं। शिक्षा हैं तो दुनिया में सर्वश्रेष्ट् नाता है। अन्यथा सारा रिस्ता - नाता बिमाता के समान हो जाता हैं।  इसलिए शिक्षा बहुत जरूरी है,  अत: अब कल से स्कूल जाओगे की नहीं।    आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदार नाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से।
Home | About Us | Contact | Privacy | Disclaimer | Terms and conditions| Sitemap
© 2025–2026 kedarkahani.in | All Rights Reserved by Nagendra Bahadur Bharatiya