लेखक: केदारनाथ भारतीय (भुवाल भारतीय) डॉ. भीमराव अंबेडकर – ज्ञान, समानता और संविधान के महान शिल्पकार। भारत के महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता, विधिवेत्ता और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान का अद्भुत उदाहरण है। प्रस्तुत काव्य-श्रृंखला "डॉ. भीमराव अंबेडकर का संघर्ष" आदरणीय केदारनाथ भारतीय द्वारा रचित एक मौलिक साहित्यिक कृति है। इस श्रृंखला में डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति उनके महान योगदान को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का प्रथम चरण – "वंदना" आपके समक्ष प्रस्तुत है। आशा है कि यह रचना आपको प्रेरित करेगी तथा डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व को और निकट से समझने का अवसर प्रदान करेगी। डॉ भीमराव अंबेडकर का संघर्ष ।। प्रथम चरण ।। ...
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| आज के सुविचार | मन की शक्ति ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है |
आज का सुविचार मन की शक्ति और मन के विचारों की महानता को बताता है।
मनुष्य के जीवन में मन का स्थान सबसे ऊँचा माना गया है, क्योंकि मन ही
मनुष्य को सही और गलत का ज्ञान कराता है।
इस संपूर्ण संसार में मन की गति, मन की शक्ति, मन का सौंदर्य,
मन का मनन तथा मन के विचार सदैव ही सर्वश्रेष्ठ कहलाते हैं।
इसके सामने तन की कोई विशेषता नहीं होती।
यदि मन मजबूत हो तो मनुष्य हर कठिनाई को पार कर सकता है।
मन की शक्ति ही मनुष्य की असली पहचान होती है।
लेखक – केदारनाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय

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