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थलापति से मुख्यमंत्री तक: विजय ने कैसे बदल दी तमिलनाडु की राजनीति

फिल्मी “थलापति” से मुख्यमंत्री तक: विजय की राजनीति ने कैसे बदल दिया तमिलनाडु? तमिलनाडु की राजनीति में 10 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। जिस अभिनेता को लोग वर्षों तक बड़े पर्दे पर “थलापति” कहकर पुकारते रहे, वही आज राज्य की सत्ता संभाल रहा है। विजय का मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि जनता की बदलती सोच का संकेत माना जा रहा है। विजय का जन्म चेन्नई में हुआ था। उनके पिता फिल्म निर्देशक थे, इसलिए बचपन से ही उनका जुड़ाव फिल्मों से हो गया। उन्होंने बाल कलाकार के रूप में काम किया, लेकिन मुख्य अभिनेता के रूप में उनकी शुरुआत 1992 की फिल्म “Naalaiya Theerpu” से हुई। शुरुआत आसान नहीं थी। कई लोगों ने उनकी आवाज, अभिनय और व्यक्तित्व पर सवाल उठाए। कई आलोचकों का मानना था कि वे लंबे समय तक फिल्मों में टिक नहीं पाएंगे। लेकिन समय के साथ सब बदल गया। “Poove Unakkaga”, “Ghilli”, “Thuppakki”, “Master” और “Leo” जैसी फिल्मों ने उन्हें दक्षिण भारत का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया। उनकी फिल्मों में अक्सर शिक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्...

थलापति से मुख्यमंत्री तक: विजय ने कैसे बदल दी तमिलनाडु की राजनीति

तमिलनाडु मुख्यमंत्री शपथ समारोह 2026 में विजय मंच पर खड़े हुए

फिल्मी “थलापति” से मुख्यमंत्री तक: विजय की राजनीति ने कैसे बदल दिया तमिलनाडु?

तमिलनाडु की राजनीति में 10 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। जिस अभिनेता को लोग वर्षों तक बड़े पर्दे पर “थलापति” कहकर पुकारते रहे, वही आज राज्य की सत्ता संभाल रहा है। विजय का मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि जनता की बदलती सोच का संकेत माना जा रहा है।

विजय का जन्म चेन्नई में हुआ था। उनके पिता फिल्म निर्देशक थे, इसलिए बचपन से ही उनका जुड़ाव फिल्मों से हो गया। उन्होंने बाल कलाकार के रूप में काम किया, लेकिन मुख्य अभिनेता के रूप में उनकी शुरुआत 1992 की फिल्म “Naalaiya Theerpu” से हुई। शुरुआत आसान नहीं थी। कई लोगों ने उनकी आवाज, अभिनय और व्यक्तित्व पर सवाल उठाए। कई आलोचकों का मानना था कि वे लंबे समय तक फिल्मों में टिक नहीं पाएंगे।

लेकिन समय के साथ सब बदल गया। “Poove Unakkaga”, “Ghilli”, “Thuppakki”, “Master” और “Leo” जैसी फिल्मों ने उन्हें दक्षिण भारत का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया। उनकी फिल्मों में अक्सर शिक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे दिखाई देते थे। यही कारण था कि लोग उन्हें केवल अभिनेता नहीं, बल्कि समाज से जुड़ा चेहरा मानने लगे।

धीरे-धीरे विजय के फैन क्लब सामाजिक कार्यों में बदलने लगे। रक्तदान शिविर, गरीब छात्रों की सहायता, बाढ़ राहत और स्वास्थ्य कैंप जैसे कामों ने उनकी छवि को और मजबूत बनाया। यहीं से राजनीति में आने की चर्चा शुरू हुई। कई लोगों का मानना था कि विजय एक दिन राजनीति में जरूर आएंगे।

2024 में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी “Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK)” की घोषणा की। यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ था क्योंकि राज्य में दशकों से मुख्य मुकाबला DMK और AIADMK के बीच ही होता आया था। विजय ने अपनी पार्टी को युवाओं, साफ राजनीति और भ्रष्टाचार विरोधी सोच के साथ पेश किया।

शुरुआत में कई लोगों ने इसे केवल फिल्मी लोकप्रियता बताया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी रैलियों में भारी भीड़ जुटने लगी। सोशल मीडिया पर युवाओं ने उन्हें बदलाव का चेहरा मानना शुरू कर दिया। TVK खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई।

2026 के विधानसभा चुनाव में विजय ने आक्रामक प्रचार किया। उनकी सभाओं में लाखों लोग पहुंचे। चुनाव में TVK ने DMK और AIADMK जैसी मजबूत पार्टियों को कड़ी चुनौती दी। बाद में कांग्रेस, वामपंथी दलों और कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के समर्थन से विजय सरकार बनाने में सफल रहे।

10 मई 2026 को विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह पल केवल उनके समर्थकों के लिए ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के लिए भी ऐतिहासिक माना गया। कई लोगों ने इसे “नई राजनीति की शुरुआत” बताया।

जनता को विजय से काफी उम्मीदें हैं। युवाओं को लगता है कि वे रोजगार के नए अवसर ला सकते हैं। कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी और भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश करेगी। उनकी सबसे बड़ी ताकत युवाओं से सीधा जुड़ाव माना जा रहा है।

हालांकि चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। फिल्मों में हीरो बनना और वास्तविक राजनीति चलाना दोनों अलग बातें हैं। अब विजय को प्रशासन, गठबंधन राजनीति, बेरोजगारी, शिक्षा और आर्थिक विकास जैसे बड़े मुद्दों पर काम करना होगा। यदि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो यह केवल तमिलनाडु ही नहीं बल्कि पूरे भारत की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

आज भारत का युवा नई राजनीति चाहता है — कम भ्रष्टाचार, बेहतर शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही। इसी वजह से विजय की जीत को केवल एक अभिनेता की सफलता नहीं, बल्कि जनता की नई सोच का प्रतीक माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या “थलापति” वास्तविक राजनीति में भी उतने ही सफल साबित होंगे जितने वे फिल्मों में रहे हैं।



(यह लेख लेखक के निजी विचार हैं। लेख में दी गई कुछ राजनीतिक जानकारियाँ सार्वजनिक चर्चाओं, मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित हैं।)

लेखक: नागेंद्र भारतीय
वेबसाइट: kedarkahani.in

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