क्या वह राजमहल सच था या टूटी हुई जिंदगी का एक सपना? उसने बताया कि एक सप्ताह पहले यहां मेरी तीन बकरियां गुम हो गई थी, एक मिली और दो अभी नहीं मिल सकी है उन्हीं को ढूंढते–ढूंढते मैं यहां पहुंचा था, दूर से जब मैंने आपको देखा तो मुझे लगा कि शायद आप ही बकरियां चोर हैं आपके पास आया तो आप गहरी नींद में सो रहे थे, मैंने आपको उठाने का प्रयास किया तो आप उठे, किंतु आपने रामचंद्रन पंढरपुरी के विषय में जो कुछ भी हमें बताएं उसे सुनकर हमें भी गहरा सदमा पहुंचा है, हम भी भयभीत हो उठे हैं । यह कहानी केवल शब्दों का क्रम नहीं, बल्कि उन रिश्तों की गूंज है...आइए, इस दुर्गम पथ पर राम मनोहर के साथ चलें और दोस्ती के उस अर्थ को समझें जो हर मोड़ पर खुद को साबित करता है। लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
एक चिट्ठी माँ के नाम | भावनात्मक कहानी हिंदी में मां के नाम एक खत जब भी मैं शाम की खिड़की पर बैठकर हवा को महसूस करता हूँ, तुम्हारी वह हँसी मेरे कानों में गूँज उठती है — वैसी ही, जो बचपन में मेरे घुटनों पर बैठकर रोटी पकाते समय तुम करती थीं। तुमने मुझे जो दुनिया दिखाई, वह रंगों से ज़्यादा भावनाओं से भरी थी। आज मैं तुम्हें एक चिट्ठी लिख रहा हूँ, माँ, जैसे कभी-कभी तुम्हारी आँखों में देखकर कहना भूल जाता हूँ।