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आज की विशेष कहानी

भारत में फिर लॉकडाउन की चर्चा क्यों? 2026 में मोदी के बयान के बाद बढ़ा डर | सच्चाई क्या है

  भारत में फिर लॉकडाउन की चर्चा क्यों? जानिए पूरी सच्चाई आज सुबह जब मैंने मोबाइल खोला तो एक अजीब सी बात देखी। Google पर लोग बार-बार एक ही शब्द खोज रहे थे — lockdown india… lockdown in india 2026… is lockdown again in india… पहले तो मुझे लगा कोई मजाक होगा, लेकिन जब हर जगह यही खबर दिखने लगी तो मन में वही पुराना डर लौट आया, जो साल 2020 में पूरे देश ने देखा था। वह समय आज भी लोगों के दिल में जिंदा है। जब अचानक पूरे भारत में लॉकडाउन लग गया था, तब किसी को समझ ही नहीं आया था कि क्या हो रहा है। सड़कें खाली हो गई थीं, ट्रेनें रुक गई थीं, बाजार बंद हो गए थे और लोग अपने घरों में कैद हो गए थे। शायद इसी वजह से आज जब भी “लॉकडाउन” शब्द सुनाई देता है, लोगों के मन में डर बैठ जाता है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें फैल रही हैं। कोई कह रहा है कि दुनिया में फिर से बीमारी फैल सकती है, कोई कह रहा है कि ऊर्जा संकट आने वाला है, तो कोई कह रहा है कि भारत में फिर से बंदी लग सकती है। इन सब बातों का असर यह हुआ कि लोग सच्चाई जानने के लिए Google पर search करने लगे। लेकिन जब सही खबर देखी गई, त...
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आज के सुविचार | मन की शक्ति पर प्रेरणादायक विचार | केदारनाथ भारतीय

  आज के सुविचार | मन की शक्ति ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है आज का सुविचार मन की शक्ति और मन के विचारों की महानता को बताता है।   मनुष्य के जीवन में मन का स्थान सबसे ऊँचा माना गया है, क्योंकि मन ही मनुष्य को सही और गलत का ज्ञान कराता है। इस संपूर्ण संसार में मन की गति, मन की शक्ति, मन का सौंदर्य, मन का मनन तथा मन के विचार सदैव ही सर्वश्रेष्ठ कहलाते हैं। इसके सामने तन की कोई विशेषता नहीं होती। यदि मन मजबूत हो तो मनुष्य हर कठिनाई को पार कर सकता है। मन की शक्ति ही मनुष्य की असली पहचान होती है।   लेखक – केदारनाथ भारतीय  उर्फ भुवाल भारतीय

23 मार्च 2026 संसद में क्या बोले नरेंद्र मोदी? दुनिया के हालात पर बड़ा बयान | सरल भाषा में पूरी जानकारी

  लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन (23 मार्च 2026) 23 मार्च 2026 का दिन भारतीय संसद के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जाएगा। उस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में ऐसा भाषण दिया जिसने केवल नेताओं को ही नहीं बल्कि पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया। दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है, खासकर पश्चिम एशिया के देशों में हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद की खबरें लगातार आ रही हैं। ऐसे समय में संसद में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि इन घटनाओं का असर भारत पर क्या पड़ेगा और सरकार ने इसके लिए क्या तैयारी की है। प्रधानमंत्री जब बोलने के लिए खड़े हुए तो सदन में शांति छा गई। उन्होंने बहुत तेज या गुस्से में नहीं, बल्कि शांत और गंभीर आवाज में बात शुरू की। उन्होंने कहा कि दुनिया जिस दिशा में जा रही है, उसे देखकर हर देश को सावधान रहने की जरूरत है। भारत भी इस स्थिति को ध्यान से देख रहा है और सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है ताकि देश के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने सबसे पहले तेल और ऊर्जा की बात की। क्योंकि जब भी दुनिया में यु...

युद्ध के परिणाम – जब ईरान पर हमले की खबर से मच गई अफ़रा-तफ़री | एक दर्दनाक कहानी

  युद्ध के परिणाम – एक दिल दहला देने वाली युद्ध कहानी | केदार की कलम ।। युद्ध के परिणाम ।।  वह पहाड़ी क्षेत्र निर्जन स्थान था, दूर दूर तक हजार हजार किलोमीटर चतुर्दिक सन्नाटा,अग्निपात में काल कवलित देहपातों की दुर्गंधे, चतुर्दिक मरघट जैसी वीरानिया । अभी दो सप्ताह पहले ही यहां पर ऊंची ऊंची गगनचुंगी अटारिया थी, महले दस महले लहरा रहे थे, बच्चों की किलकारियां गूंज रही थी ।  क्रिकेट और फुटबॉल के स्टेडियम बने हुए थे, बच्चे मैच खेलते थे,बच्चे फुटबॉल खेलते थे किंतु अब,अब वहां मानव रहित बस्तियां थी जहाँ पर लावारिस जैसी घायल अवस्था लिए चारों तरफ से मुड़ी तुड़ी,कण कण छलनी हुई, जगह-जगह दरारे और खाईयां बनी हुई, स्थान स्थान पर मानव लोथड़े लुढ़के हुए,कहीं कहीं युद्ध होलिका की ज्वलंत चिंगारियां धूं–धूं करके जलती हुई दूर-दूर तक दिखाई पड़ रही थी ।  वसुंधरा का रक्त रंजित कलेवर चारों तरफ से भस्मीभूत हो रहा था । जहाँ उसके कण कण में समाहित हृदय विदारक चीखों में डूबी हुई अकल्पनीय दारुणता से तिरोहित मार्मिक दृश्य,अपनी असीम वेदनाओं की सबूतें दे रही थी ।  जिसका मूल कारण,एक दूसरे देशों...

दुख ही दुख की भाषा समझे कविता | केदारनाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय

कविता – दुख ही दुख की भाषा समझे   लेखक – केदारनाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय ।। दुख सुख ।।  कविता ।। दुःख तो सुख से न्यारा प्यारा,                प्रेम की गंगा धारा है ।  निश्चल आत्म हितैषी वाणी,                मन का राज दुलारा है । सबको याद है करता निशदिन,                मधुर मधुप रस घोलो से । दुख ही दुख की भाषा समझे,                मिलन करें मधु बोलो से ।।  दुख को देखें सुख जब भैया,                दुख से सुख कुछ दूर हटे ।  हंसी उड़ाए मुंह. बिचकाए,                हेय दृष्टि विष फुट पड़े ।।  सुख हिंसक निष्ठुर अति कामी,                 दयाहीन पाषाण अधम ।  व्यवहार निरंकुश निरा उदंडी,              ...

ईश्वर की बनाई सृष्टि सबसे महान है | आज का सुविचार

  ईश्वर की बनाई सृष्टि सबसे महान है | आज का सुविचार वह सृष्टि विनायक, वह ईश्वर, वह आदि और अनंता, एवं नभ वृंदारकों का श्रेष्ठ भूपति महानायक कितना महान है, कि वह हमें इतनी खूबसूरत सृष्टि में भेजने से पहले, हमारे लिए कितनी अच्छी-अच्छी व्यवस्थाएं पहले से ही बिना स्वार्थ समर्पित कर दिया था।

ChatGPT से पैसे कैसे कमाएँ – ऑनलाइन कमाई की पूरी जानकारी 2026

ChatGPT से पैसे कैसे कमाएँ आज के डिजिटल युग में दुनिया तेजी से बदल रहा है। और इन्हीं तकनीकों में एक नाम सबसे अधिक चर्चा में है – ChatGPT आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस । बहुत से लोग इसे केवल सवाल-जवाब के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो ChatGPT से ऑनलाइन पैसे भी कमाए जा सकते हैं।

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विचित्र दुनिया–भाग 3|समय के जाल में राघव (हिंदी उपन्यास)

राघव इससे पहले कि कुछ समझ पाता, वह गिद्घ के चंगुल मे फस गया....  यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन इसके हर शब्द में एक सच्चाई की झलक छुपी है आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदारनाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से

"दोस्ती" 1|प्लेटफॉर्म नंबर चार की वह सर्द रात (हिंदी कहानी)

उस दिन राम रामचंद्रन के घर राम मनोहर पंढरपुरी की दोस्ती इस प्रकार से हुई थी,जैसे कि प्रकृति ने ही उन युगलों को भावनाओं से तिरोहित यह अनमोल रिश्ता,विरासत में सौंप दिया हो । किंतु इस बार वे ठीक तीन साल के बाद इस भयानक हिमपात से लब्ध कुहरे में उनके घर अकेले जा रहे थे । प्रिय पाठको,  मैं नागेंद्र भारती, आप सभी का इस नई कहानी “दोस्ती” में स्वागत करता हूँ।  यह कहानी सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं,  बल्कि उन पलों की सच्चाई है जहाँ एक अजनबी,   धीरे-धीरे दिल का सबसे करीबी बन जाता है। आइए, इस एहसास की यात्रा शुरू करें… ( लेखक: केदार नाथ भारतीय उर्फ भुवाल भारतीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज )

विचित्र दुनिया–भाग 2|राघव का बचपन और उसकी बेचैनी(हिंदी उपन्यास)

बेटे! शिक्षा से दुनिया झुक जाती हैं, जिसका वंदन- अभिनंदन सारा जगत करता है। शिक्षा के आगे संसार के सारे उद्योग बौने साबित हो जाते हैं। शिक्षा हैं तो दुनिया में सर्वश्रेष्ट् नाता है। अन्यथा सारा रिस्ता - नाता बिमाता के समान हो जाता हैं।  इसलिए शिक्षा बहुत जरूरी है,  अत: अब कल से स्कूल जाओगे की नहीं।    आप जिस कहानी को पढ़ रहे हैं, उसके लेखक हैं — केदार नाथ भारतीय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से।
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